आपको नित्य ही आना होगा इंटरनेट की पावन मधुशाला
मधुशाला भाग 2 इंटरनेट के माध्यम
से आप तक (प्रिय पाठको )पहुंचा रहा हूँ
आप को अवश्य ही पसंद आएगी
इस आशा के साथ !
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आपके पास टुकड़ो में एक -एक एक-पैग करके ,
मेरी प्यारी सुरबाला ,रोज ही अपनी सागरमय से
टपकाएगी दिव्य अनुपम अमृत रूपी हाला ,
आपको नित्य ही आना होगा इंटरनेट की पावन मधुशाला
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आओं चलो चले मधुशाला ,यारो बैठ कर पियेंगे सुमधुर हाला !
सारे जहाँ के गम हवा हो जायेंगे ,जब सोमरस के चार पैग अंदर जायेंगे
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