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कोमल अल्हड बारबालाओ ने ,मधुरतम गीत सुनकर नगमे गाकर !
मनमोहक आकर्षक डांस दिखाकर ,हाला पिलाकर सबका दिल जीता !!
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हुस्न की मलिका का दिल डोल रहा है ,नदिया के जल सा हिलोर रहा है !
सारी सीमाये तोड़के स्वक्छंद विचरण को सुरबालाओ का मन डोल रहा है !!
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मधुशाला की शोभा बढाती ,आगंतुको का दिल बहलाती !
सुमधुर धुन पर नृत्य ये करती ,हाला पिलाकर गम भी ये हरती !!
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लक्ष्मी की वर्षा जब जब होती ,प्राकृतिक ये हो जाती !
बड़े प्यार से पिलाकर हाला ,सबका दिल है बहलाती !!
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लक्ष्मी तेरी भी महिमा अपरम्पार है ,तू करती सबका बेडा पार है !
सुरबालाओ पर खूब है फबती ,तन मन पर तेरी आभा है दिखती !!
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